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धड़कता हुआ संग, मोबाइल की कहानी”

जब मोबाइल कुछ कहानी सुनाए,
बिना वजह ही दिल को बेहलाए।
लगता है कुछ खास बातें होती हैं,
जैसे कोई अपना, बेहद करीब होता है।
उसकी बीमारी जैसा लगता है,
कहीं उसकी तबियत कुछ खराब होती है।
रुका जाता है दिल, ख्यालों में खो,
मोबाइल की बेहद तकलीफें नहीं सहों।
पर ये है हकीकत, या फिर है बस एक ख्वाब,
जो हमारे दिल को छू जाए, वो है मोबाइल का स्वाभाव।