ख़याल का रिश्ता

🌿 कविता — “ख़याल का रिश्ता” ✍️ — सौरभ

 

ज़रूरतों से जुड़ना तो आसान है, 🤝

हर कोई हालात में साथ निभाता है।

पर बिना किसी स्वार्थ के जो पूछ ले हाल, 💫

वही दिल से रिश्ते निभाता है। ❤️

 

भीड़ में नाम बहुत मिल जाते हैं, 👥

पर अपने कम ही नज़र आते हैं।

जो बिन वजह याद कर लें आपको, 😊

वही असली इंसान कहलाते हैं। 🌸

 

इंसानियत की पहचान यही है, 🌿

ख़याल रखना बिना किसी कारण,

क्योंकि सच्चे दिल का रिश्ता 💖

नहीं होता कभी भी स्वार्थ का दर्पण। ✨