बेचैनी का कारण Posted on by बेचैनी का कारण ✍️ – सौरभ टेंशन वहीं जन्म लेता है, जहाँ मन दूसरों में खो जाता है। खुद को भूल जो जग सोचता, वही इंसान भीतर से रोता। 🌿 सुकून उसी को मिलता है, जो अपना भी ख्याल रखता है। पहले खुद को संवारो मन से, फिर खुशियाँ बाँटो जग के तन से। 🌸✨
Aapka tarana Title: “कार्यालय की दुनिया: ताहिर, नूर, पंकज, मनीष, सौरभ” 1 Certainly! Here’s a short Hindi poem inspired by the names you provided: ताहिर, नूर, पंकज, मनीष, सौरभ, काम के मैदान में, सब हैं बहादुर। कार्यालय […]
Aapka tarana आचरण की शक्ति ✍️ – सौरभ 0 आचरण की शक्ति ✍️ – सौरभ जिनके भीतर आचरण की दृढ़ता होती है, उनकी वाणी में सदा सच्चाई की ज्योति होती है। ✨ […]
Aapka tarana achhi bate दिन में दो पल हंसो 0 दिन में दो पल हंस रचनाकार: सौरभ कुमार दिन में दो पल हंसो, एक यार से बात करो, भीड़ में गुम हो जाओ, पर […]