तुम से तुम तक Posted on by तुम से तुम तक (By Saurabh) मेरी खुशियां, मेरी लड़ाइयां, बस तुम से, और तुम तक। मेरी सांसों का हर सबब, मेरे दिल की हर धड़कन तक। मेरी पूरी उम्र का, मुआवजा हो सिर्फ तू। तू ही जीत, तू ही सुकून, तू ही मे रा हर रूबरू।
Aapka tarana संगीत का समागम 0 संगीत का समागम, रंगीनी भरी रात है। ध्वनि का साज, हर दिल को बहुत सुनहरा करता है। रागों की मिठास, बाँटता है संगीतीकर। भव्य संगीत […]
Aapka tarana घाट 0 घाट, नदी तट पर स्थित स्थान, जहाँ लोग संगम करते हैं आत्मा का सफर। घाट पर बैठकर सूरज को नमस्कार, धरा से मिलता है, नदी […]
Aapka tarana पाँव जो चलेंगे फूलों पर 0 पाँव जो चलेंगे फूलों पर, महके उपवन में जीवन भर। बहारें मुस्काएं, रंगीन सवारी, खुशियों की हो सदा बहारी। प्रकृति की गोदी में हर पल […]