तुम से तुम तक Posted on by तुम से तुम तक (By Saurabh) मेरी खुशियां, मेरी लड़ाइयां, बस तुम से, और तुम तक। मेरी सांसों का हर सबब, मेरे दिल की हर धड़कन तक। मेरी पूरी उम्र का, मुआवजा हो सिर्फ तू। तू ही जीत, तू ही सुकून, तू ही मे रा हर रूबरू।
Aapka tarana शनिवार व्रत कथा 0 शनिवार व्रत कथा कहीं बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक नामी भक्त रहता था जिसका नाम विक्रम था। विक्रम भगवान शनि […]
Aapka tarana “अपने दिल के बाजार: प्रसन्नता की खोज” 0 खुशियों की खोज में भटका बाजारों में, पर कहीं नहीं मिली, वह अमूर्त प्रसन्नता। चमकती दुनिया के बाजार में हैं बहुत, पर सच्ची सुख-शांति, अंदर […]
Aapka tarana वक़्त 0 तू वक़्त नहीं जो लौट आए, मैं कैलेंडर नहीं जो बता पाए। चलो कुछ ऐसा करते हैं, लम्हों को जरा थाम लेते हैं। बीते […]