भाग्य से भी ऊंचा Posted on by भाग्य से भी ऊंचा कर्म है, जो स्वयं के हाथों में है। क्यों ढूँढें सितारों में निशान, जब राह खुद हम बना सकते हैं? हर कदम पर, कर्म ही दीपक है, जो अंधेरों को मि टा सकता है।
Aapka tarana तुम से तुम तक 0 तुम से तुम तक (By Saurabh) मेरी खुशियां, मेरी लड़ाइयां, बस तुम से, और तुम तक। मेरी सांसों का हर सबब, मेरे दिल […]
Aapka tarana इलाहाबाद की होली 0 इलाहाबाद की होली इलाहाबाद की धरती पर आज फिर होली है, रंगों का त्योहार जो जीवन में खुशियाँ लाता है। गंगा के किनारे, संगम के […]
Aapka tarana इंस्टाग्राम 0 इंस्टाग्राम, छवियों का जहाँ, दुनिया भर में है यहाँ की बातें। फ़िल्टर और हैशटैग, स्टोरी और रील, व्यक्तिगत दृष्टिकोण, सोशल मीडिया का खेल। फैशन से […]