ज़रूरतों का रिश्ता ✍️ – सौरभ Posted on by ज़रूरतों का रिश्ता ✍️ – सौरभ लोग आते हैं पास तभी, जब कोई स्वार्थ निभाना हो। खामोश हो जाते हैं सब, जब कुछ हाथ न आना हो। सच तो यही है जीवन का, रिश्ते अक्सर शर्तों से चलते हैं। पर असली अपनापन वही, जो बिना माँगे संग ढलते हैं। 🌹
Aapka tarana जलेबी 0 गोल-गोल आकार की, मिठास से भरी जलेबी, ताजगी से भरपूर, रंगीन ये मिठाई है सच्ची। तेल में तैरती, कुरकुरी ये जलेबी, चाय के साथ या […]
Aapka tarana बेचैनी का कारण 0 बेचैनी का कारण ✍️ – सौरभ टेंशन वहीं जन्म लेता है, जहाँ मन दूसरों में खो जाता है। खुद को भूल जो जग सोचता, वही […]
Aapka tarana आसमान 1 आसमान, विशाल अंतरिक्ष की काया, नीला चादर में, बसी अद्वितीय सागर। तारों का संगीत, ब्रह्मांड की रागिनी, बना देता है सभी राहों को प्रेरणा की […]