ज़रूरतों का रिश्ता ✍️ – सौरभ Posted on by ज़रूरतों का रिश्ता ✍️ – सौरभ लोग आते हैं पास तभी, जब कोई स्वार्थ निभाना हो। खामोश हो जाते हैं सब, जब कुछ हाथ न आना हो। सच तो यही है जीवन का, रिश्ते अक्सर शर्तों से चलते हैं। पर असली अपनापन वही, जो बिना माँगे संग ढलते हैं। 🌹
Aapka tarana दरिया 0 दरिया समुद्र सा है दरिया, अथाह और अजेय, लहरों की कहानी, हर पल नई बताए। धूप में चमकता, सोना रेशम सा, चाँदनी की मासूमियत, छू […]
Aapka tarana जलेबी 0 गोल-गोल आकार की, मिठास से भरी जलेबी, ताजगी से भरपूर, रंगीन ये मिठाई है सच्ची। तेल में तैरती, कुरकुरी ये जलेबी, चाय के साथ या […]
Aapka tarana आँसू भरी हैं ये जीवन की राहें 0 आँसू भरी हैं ये जीवन की राहें कोई उनसे कह दे हमें भूल जाएँ आँसू … वादे भुला दें कसम तोड़ दें वो – (2) […]