खुशियों का मेला, दिलों का है सहेला,
हर पल रंगीन, हर चेहरे पे मुस्कान है मेहका।
धूप में खिलते हैं सपने, बरसात में गीत गाते हैं,
खुशियों का ख्वाब है, यहाँ हर दिल में बसते हैं।
चलो मिलकर सजाएं इस मेले को,
मुस्कराहटों का बाजार है, खुशियों का सफर है।
गुनगुनाहट से भरा, हर रास्ता,
खुशियों का मेला है, हर दिल की धड़कन का है पता।