वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा घर के लिए सबसे शुभ दिशा उत्तर-पूर्व (उत्तर-पूर्व) को माना जाता है। क्या दिशा को ईशान कोण भी कहा जाता है, जो भगवान का स्थान होता है। पूजा घर को घर के इस तरह से बनाना शुभ होता है, क्योंकि यह दिशा शांति, सुख और समृद्धि लाती है।
ये कुछ महत्वपूर्ण पूर्ण बातें हैं जो ध्यान में रखनी चाहिए:
1. मूर्तियों का मुख – पूजा के दौरन मूर्तियों का मुख पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए।
2. पूजन करते समय – पूजा करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए।
3. सफाई और प्रकाश – पूजा घर में सफाई और प्रकाश का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अच्छी रोशनी और धूप-वास्तु को पूजा घर में स्थापित करना शुभ होता है।
बच्चों का ध्यान रखने से घर में आनंद और सुख-शांति बनी रहती है।