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रविवार की धूप

रविवार की धूप, छाएं सुख की छाया,  
आता है ये दिन, बढ़ाता बहार।
परिवार के साथ, सुकून से बैठा,  
सुनहरे पलों में, है सब कुछ प्यार।
अनपढ़ जिंदगी की, मिठास लाता है, 
रोज़ के दौड़-भाग में, यहाँ तक आता है।
किताबों की बूंदें, सुनहरी सोचों की,
रविवार का दिन, है सपनों से भरा।
धूप में सिरकता, हवा में मिठास,
रविवार की मिठास, दिल को बहुत भाती है।
सुन्दर रात के आगमन के साथ,
रविवार का दिन, लाता है खुशियों की बहार