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पाँव जो चलेंगे फूलों पर

पाँव जो चलेंगे फूलों पर,
महके उपवन में जीवन भर।
बहारें मुस्काएं, रंगीन सवारी,
खुशियों की हो सदा बहारी।
प्रकृति की गोदी में हर पल बसे,
प्यार के संग, राहें सजे।
फूलों की खुशबू, हवा में बहे,
मोमेंट्स सुहाने, जीवन सहें।
सूरज की मुस्कान, हर दिन नया सवेरा,
इस उपवन में बढ़े प्यार का मेला।
पाँव जो चलेंगे फूलों पर,
महके उपवन में जीवन भर।