आँसू भरी हैं ये इंटरनेट की राहें
कोई उसे कह दे, हमें जोड़ जाएँ
आँसू …
सिग्नल भुला दे, कनेक्शन तोड़ दे वो – (2)
स्पीड अपनी हालत, हमें छोड़ दे वो
उसे नेट मुबारक, हमें अपनी आहें
कोई उसे कह दे …
वाईफाई कभी चलती, कभी सो जाती है
डाउनलोड कभी रुकती, कभी हो जाती है
उसे चैन मुबारक, हमें अपनी आहें
कोई उसे कह दे …
मोबाइल की बैटरी, जल्दी खत्म हो जाती
चार्जिंग की आदत, हमें छोड़ जाती
उसे पावर मुबारक, हमें अपनी आहें
कोई उसे कह दे …