प्रातः Posted on by प्रातः की सुरमई धूप में, खोया है सपनों का संग। फूलों की मिसाल बोलती, सुबह की मिठास के रंग। चिट्ठी लिखी हवा की जुबान, सुनता है हर एक शैतान। चिरपिंग बर्ड्स की मेलोदी, बजती है सबको जागा देने।
Aapka tarana “जीवन की पढ़ाई: तक़त में मेहनत, इरादों की उच्चता” 0 पढ़ाई की ताक़त, मेहनत की बहादुरी, इसमें छुपा है सफलता का राज़ हकीकती। इस कलम से लिखा, इस जगह से सुना, पढ़ाई का सफर, एक […]
Aapka tarana महकती ज़िंदगी: एक कविता का सफर 0 आओ, जलाएं दिए इस कविता के संग, *फूंक मारकर हम दिए को बुझा सकते हैं,* *पर अगरबत्ती को नहीं।* शब्दों में छिपा है जीवन का […]
Aapka tarana “स्नैपचैट से जुड़ी यह अनमोल कहानी” 0 “हर पल है एक कहानी, एक नया सफर, Snapchat से है जुड़ी हर बात यहाँ पर। फोटो और वीडियो, मिलता है यहाँ सब कुछ, कुछ […]