शुक्रवार की आरती (लक्ष्मी नारायण)**

आरती श्री लक्ष्मी नारायण की,  
जो दरसते सुख होवे॥  
श्री लक्ष्मी नारायण की,  
जो दरसते सुख होवे॥  
सुप्रभात, जय लक्ष्मी नारायण,  
भूषण पग सजी, भगवान सजें॥  
वन्दन करतीं सगली सृष्टि,  
तुमको करते अर्चन, मन की सृष्टि॥  
नयन भरे नन्दन, रूप भला प्यारा,  
भगवान श्री नारायण तुम्हारा॥  
श्री लक्ष्मी जी संग बसी,  
धन वैभव की मूरत झलकी॥  
पद में रखो चरण रज, पायो धन और ऐश्वर्य,  
संकट दूर करो सब, भक्ति में अटल रहो॥  
आरती श्री लक्ष्मी नारायण की,  
जो दरसते सुख होवे॥