स्वर्वेद महामंदिर, वाराणसी,
आत्मा को छूने वाली यह अद्वितीय नगरी।
गंगा के किनारे बसा है यह स्थान,
भगवान का आशीर्वाद, है यहाँ का वरदान।
ध्यान लगा दो शिवलिंग की ओर,
विश्वनाथ और विरुपाक्ष का रहता है ध्यान।
काशी विश्वनाथ का नाम,
हर हर महादेव की भक्ति है यहाँ।
धरा पर बसा है नागरिकता का महका गहरा सागर,
स्वर्वेद महामंदिर का है यह अद्वितीय नक्षत्र।
वाराणसी, धरती पर स्वर्ग का है समर्पण,
इस महामंदिर में है प्राचीनतम भक्ति का अर्पण।