सूर्यकान्त की निराली यात्रा

सूर्यकान्त नाम, महिषादल के मनमोहन,
जन्म लिया उन्होंने, रंगीन नगर में सोहन।
माघ शुक्ल ११, संवत् १९५५ की बात,
निराला हुए जन्म, वहां के शहर में रात।
२१ फ़रवरी, सन् १८९९, तारीख सुरीली,
वसंत पंचमी पर, आई उनकी मिसाल निराली।
मंगलवार को आया था, जीवन का आरंभ,
पंडित की भविष्यवाणी, लिए सबने मुँह।
सुर्जकुमार था उनका असली नाम,
भविष्य की चाँदनी, बसी थी उस नाम।