रिश्तों Posted on by एक सवाल घर कर गया है, दिल के रोज़ाना कोने में। गीत छुपा है रात की चादर के, राज़ के परदे के पीछे में। शीशा बनाऊं या पत्थर इसे, रिश्तों के इस बदलते समय में।
Aapka tarana कालकाजी 0 कालकाजी की धरा में भजन बजता, हरियाली से भरी वहां राता। भक्तिभाव से ओतप्रोत है वहां, भगवान की महिमा में रमता। ध्वनि से भरी अपनी […]
Aapka tarana आचरण की शक्ति ✍️ – सौरभ 0 आचरण की शक्ति ✍️ – सौरभ जिनके भीतर आचरण की दृढ़ता होती है, उनकी वाणी में सदा सच्चाई की ज्योति होती है। ✨ […]
Aapka tarana लोहड़ी 0 लोहड़ी आई, अग्नि दी रात है, ढोल की धुन, भांगड़ा का साथ है। गुड़ की मिठास, रेवड़ी का स्वाद है, बल्ले बल्ले करो, लोहड़ी की […]