निकलते ही घर से सोचते हैं, तेरा दीदार हो जायगा।

निकलते ही घर से सोचते हैं,
तेरा दीदार हो जायगा।
खिड़की में न दिखा सूरत तेरी,
सोचते हैं दरवाजे पर नजर आ जाये।
इस ख्वाब की राह में बढ़ते,
मोहब्बत की राहों में खो जायगा।
दिल की धड़कन तेरी बस में हो,
प्यार का सफर इस राह में बढ़ जायगा।
तू ना आये, ये लम्हा कैसा होगा,
इंतजार में हर पल कैसा बीत जायगा।
ये ख्वाब हैं या हकीकत की राह में,
प्यार का सफर, ये दिल ही बतायगा।