मलगुड़ी के रंग भरे दिन,
कहानियों का हैं यह खास दीन।
रेक्की टिक्की टवी की मेहनत से,
जन्मी यह अद्वितीय कहानियों की जड़ू है।
चारों ओर है रंगीन विश्व,
र.क. नारायण की बातें जब बन जाती भविष्य।
किरदारों की मिसालें, हर कोने से सुनी,
मलगुड़ी के दिन थे अद्वितीय, हर भावना का रुनी।