तीनों मौसम में छुपा है एक मुकाबला,
सर्दी की ठंडक नहीं, गर्मी का भी नहीं बसला।
बरसात बीच-बीच में आती है, रुकती नहीं,
आम आदमी फसा है, क्या करें, सोचती है यह ज़िंदगी।
दिखाओ तो दिखाएं क्या, इन मौसमों का सामना,
लेयर्स में कपड़े, बनाओ अपना एक अपना जज्बा।
छाता लिए चलते रहो, बादल से बचने के लिए,
मौसम की खबर रखना, यह है ज़रूरी तरीका सही।
इन मौसमों में, आम आदमी का है मुकाबला,
करें तो क्या करें, यही है ज़िंदगी का संघर्ष काला।