अवसादित जीवन की आवाज: एक ओजस्वी कविता” Posted on by जीना बिना लक्ष्य के, वह अजीवन सा आवास, साहित्य बिना प्रेम के, थमा रहे अध्यान का विलास। समाज जहाँ नारी को, छूने न पाए सम्मान का स्वाद, ग्रंथ जो हैं अंधकार में, मार्गदर्शन से रौंगत न बदले रात्रि का वाद।
Aapka tarana “वास्तु के अनुसार पूजा घर की दिशा” 0 वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा घर के लिए सबसे शुभ दिशा उत्तर-पूर्व (उत्तर-पूर्व) को माना जाता है। क्या दिशा को ईशान कोण भी कहा जाता […]
Aapka tarana रंगीन यादों का जादू 0 **रंगीन यादों का जादू** काले पन्नों पर रंग भर दूं, स्याह सफ़ेद में गहराई घोल दूं। वो पुरानी तस्वीरें लाऊं फिर से जिन्दा, यादों के […]
Aapka tarana प्रतिलिपि ऐप 0 प्रतिलिपि ऐप ने विभिन्न भाषाओं में कहानियों, कविताओं और लेखों के विविध संग्रह के लिए पाठकों और लेखकों के बीच महत्वपूर्ण लोकप्रियता हासिल की है। […]