बेटियाँ हैं अनमोल सितारे
बेटियाँ हैं घर का उजियारा,
प्यार से भरा उनका प्यारा सहारा।
हंसते हुए वो सपने सजातीं,
हर दिल को वो खुशियाँ बांटतीं।
आसमान में जैसे चाँद और तारे,
बेटियाँ हैं अनमोल हमारे।
उनसे है घर में रौनक छाई,
उनकी हंसी में बसी है परछाई।
हर कदम पर वो साथ निभाएं,
सपनों को अपने पंख लगाएं।
हर मुश्किल को वो सरल बना दें,
दिलों में प्यार का दीप जलाएं।
आओ आज उन्हें सलाम करें,
उनके सपनों को ऊँची उड़ान दें।
बेटियाँ हैं तो जहाँ है हसीन,
उनके बिना दुनिया अधूरी, आधी जमीन।