Aapka tarana भावनाओं की संधूरता 0 मोह में जब डूबा दिल, बुराई से कहीं भी नहीं लगती, और घृणा की छाया में, अच्छाई कहीं भी छिपती नहीं। चेहरे पर मुस्कान, मोह […]