“संतुष्टि का ताज: खुशी की खोज में” Posted on by सुख की खोज में, राह पर चलो,मिलेगी खुशी, जब आत्मा से मिलो। मांगने से नहीं, देने में खोजो,अपने अंतर में, सुख को बहाल करो। क्या-क्या है तुम्हारे पास, सोचो एक बार,धन नहीं, मगर संतुष्टि का ताज। खुशी तो है यही, जो है तुम्हारा,बिना चाहे, जीवन को सजाओ सारा।
Aapka tarana पैरोडी गीत 0 समोसा समोसा दूरी यूँ पिघलता है जाने किस आग में ये मसाला जलता है खाने की शाम ढलती है जाने किस आग में ये मसाला […]
Aapka tarana “जीवन की पढ़ाई: तक़त में मेहनत, इरादों की उच्चता” 0 पढ़ाई की ताक़त, मेहनत की बहादुरी, इसमें छुपा है सफलता का राज़ हकीकती। इस कलम से लिखा, इस जगह से सुना, पढ़ाई का सफर, एक […]
Aapka tarana “मैं यमुना हूँ” 0 “मैं यमुना हूँ” मैं यमुना हूँ, इतिहासों की साक्षी, कृष्ण की बंसी की मधुर अभिलाषी। कभी मेरी लहरों में जीवन था बहता, अब […]