“संतुष्टि का ताज: खुशी की खोज में” Posted on by सुख की खोज में, राह पर चलो,मिलेगी खुशी, जब आत्मा से मिलो। मांगने से नहीं, देने में खोजो,अपने अंतर में, सुख को बहाल करो। क्या-क्या है तुम्हारे पास, सोचो एक बार,धन नहीं, मगर संतुष्टि का ताज। खुशी तो है यही, जो है तुम्हारा,बिना चाहे, जीवन को सजाओ सारा।
Aapka tarana समय की दास्तान 0 **समय की दास्तान** *समय बदलता है, स्थिति बदलती है,* *हमारी शक्ति बढ़ सकती है,* *पर समय से बड़ी है यह ताक़त हमसे,* *समय की राहों […]
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Aapka tarana भड़ में जाए दुनिया 0 भड़ में जाए दुनिया, यह जगह कुछ नहीं कहती, चिंगारी से लिपटा है, हर दिल का दर्द सहती। मुश्किलों के साथ, है सफलता का सफर, […]