“संतुष्टि का ताज: खुशी की खोज में” Posted on by सुख की खोज में, राह पर चलो,मिलेगी खुशी, जब आत्मा से मिलो। मांगने से नहीं, देने में खोजो,अपने अंतर में, सुख को बहाल करो। क्या-क्या है तुम्हारे पास, सोचो एक बार,धन नहीं, मगर संतुष्टि का ताज। खुशी तो है यही, जो है तुम्हारा,बिना चाहे, जीवन को सजाओ सारा।
Aapka tarana बरसात में गीत 0 बरसात में गीत, बूंदों की राह में, धूप की किरणों से रंगी हर पल रात में। स्वरों की बौछार में, भीगे होंठ खुदा से कहते […]
Aapka tarana बचपन मेरा 0 बचपन के दिन, हंसी में बसी रातें, खिलोनों का संसार, सपनों की बातें। बचपन मेरा, खुशियों की कहानी, बिना फिक्र के, हर पल था दिवानी। […]
Aapka tarana नव निर्मित भवन 0 देवरिया के डॉ. एस के कुशवाहा, चिकित्सकों के आभूषण, महाकाव्य का आधार। नव निर्मित भवन, सुंदर और महिमामय, गृह प्रवेश के दिन, बने सब के […]