मकर संक्रांति Posted on by सूरज की किरणें छू रहीं स्काई, मकर संक्रांति आई है यहाँ। उड़ान भरने का समय आया, पतंग बनाएं रंगीन यहाँ। धूप में चमके रंग बिखराएं, विराजे सूरज उच्छशिखर पर। हृदय में खुशियाँ बरसाएं, मकर संक्रांति की बधाई हमारी तरफ से यहाँ।
Aapka tarana रेडियो की धूप 0 रेडियो की धूप, आँधी से भी तेज, बजती है संगीत, हर दिल को छू जाए। बिन बुलाये मेहमान, हर पल है सुनहरा, गाती है ये […]
Aapka tarana हमको रखना था सबका दिल यूँ भी 0 हमको रखना था सबका दिल यूँ भी, पर दिल की कहानियों में कभी बहुत दरारें रहती हैं। हमने फिर अपना दिल नहीं रक्खा, इस प्यार […]
Aapka tarana वक़्त की मार 0 💔 वक़्त की मार 💔 ✍🏻 By Saurabh चुपचाप रो लिया मैंने रात भर 😢 क्योंकि दिन में हँसना जरूरी था हर पल पर… 🌞 […]