मकर संक्रांति Posted on by सूरज की किरणें छू रहीं स्काई, मकर संक्रांति आई है यहाँ। उड़ान भरने का समय आया, पतंग बनाएं रंगीन यहाँ। धूप में चमके रंग बिखराएं, विराजे सूरज उच्छशिखर पर। हृदय में खुशियाँ बरसाएं, मकर संक्रांति की बधाई हमारी तरफ से यहाँ।
Aapka tarana डोपामाइन की खुशी 0 मस्तिष्क में बूँदें गिरतीं, डोपामाइन की लहरें चढ़तीं। हर सुख का पल झलकता, दिल में नया उत्साह भरता। इनाम की गली में चलें, सपनों […]
Aapka tarana भावनाओं 0 भावनाओं का सफर, दिलों का हर कोना, पलकों से बहती हैं, भावनाओं की धारा। कहानी छुपी है रूपों के पर्दे में, रूह की बातें हैं, […]
Aapka tarana “नए अनुभव का सफर 0 “नए अनुभव का सफर, नई कविता के साथ। इंटरनेट की दुनिया में, एक नया रंग भरते हुए। दिल से भरी, शब्दों की मिठास से भरपूर, […]