सूरज की किरणें छू रहीं स्काई,
मकर संक्रांति आई है यहाँ।
उड़ान भरने का समय आया,
पतंग बनाएं रंगीन यहाँ।
धूप में चमके रंग बिखराएं,
विराजे सूरज उच्छशिखर पर।
हृदय में खुशियाँ बरसाएं,
मकर संक्रांति की बधाई हमारी तरफ से यहाँ।
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