धनुष से है सारा जहां Posted on by धनुष से है सारा जहां, छलांगें लेकर चला यहां। बस है धनुष, बस है बाण, साहस है इसमें, ताकद है इसमें। सिर पे ताज, और मन में वीर, धनुष की धारा से बदलता हर रंग। खेलों इसे संग, नई ऊंचाइयों पर, धनुष से है सारा जहां, एक सपना नया है यहां।
Aapka tarana कर्मों की बौछार 0 जैसा तूने बीज बोया है, वैसा ही फल पाएगा। लगाए तूने कांटे है तो, फूल कहां से आएगा। संबंध बनाए थे मैने, व्यवहार के कच्चे […]
Aapka tarana ठंड कड़का 0 ठंड कड़का, हवा में बर्फीली सी छाई, गरम चाय की कहानी, हर दिल को बहुत भाई। सर्दी की रातों में, कोयले की राह बताएं, दिल […]
Aapka tarana रेडियो की धूप 0 रेडियो की धूप, आँधी से भी तेज, बजती है संगीत, हर दिल को छू जाए। बिन बुलाये मेहमान, हर पल है सुनहरा, गाती है ये […]