धनुष से है सारा जहां,
छलांगें लेकर चला यहां।
बस है धनुष, बस है बाण,
साहस है इसमें, ताकद है इसमें।
सिर पे ताज, और मन में वीर,
धनुष की धारा से बदलता हर रंग।
खेलों इसे संग, नई ऊंचाइयों पर,
धनुष से है सारा जहां, एक सपना नया है यहां।
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