धनुष से है सारा जहां Posted on by धनुष से है सारा जहां, छलांगें लेकर चला यहां। बस है धनुष, बस है बाण, साहस है इसमें, ताकद है इसमें। सिर पे ताज, और मन में वीर, धनुष की धारा से बदलता हर रंग। खेलों इसे संग, नई ऊंचाइयों पर, धनुष से है सारा जहां, एक सपना नया है यहां।
Aapka tarana समृद्धि का मैदान 0 1. “समृद्धि का मैदान है, जहां मेहनत और संघर्ष का संगीत हर कदम पर बजता है।” 2. “सपने वहां हकीकत में बदलते हैं, जहां आत्मविश्वास […]
Aapka tarana ओजस्वी भारत: गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं” 0 सूरज की किरणों में, ओजस्वी नया सवेरा है, गणतंत्र दिवस की पावन बेला, आसमान में उजाला है। भारतीय दिलों में धड़कता एक सपना है, स्वतंत्रता […]
Aapka tarana पिता 0 पिता, जीवन का सार, ममता भरा, सच्चा प्यार। कदमों में बसी ममता की धूप, पिता की मुस्कान, है जीवन का रूप। सीखें हम सब, उनकी […]