श्याम रूप निराला, बाबा रूप निराला।
जो भी तेरा नाम ले, उसका बेड़ा पार करे।
संतन के तुम राखो, दीनन के तुम सहारे।
लाखों संकट हरते, नित ध्यान धरे।
खाटू नगर अधीश, शरण पड़े जो तेरी।
ध्यान लगाए जो भी, वह सब फल पाए।
तुम हो दीनानाथ, दुखभंजन सुखकारी।
तुम हो पालनहार, संकट में उद्धारी।
मनोकामना पूर्ण करो, शरण पड़े जो तेरी।
श्याम शरण में आके, द्वारकापति प्यारे।