रंगीनीयों का मेला, बजता है रंग बिरंगा तंगा,
हर रंग में छुपी है कहानी, हर मौसम एक संगीत संगा।
लाल, हरा, नीला, पीला, चमकते हैं यहाँ सभी रंग,
आँखों में बसे सपने, छोड़ दो सारे दुःख के अंग।
मेले की शोरगुल से भरा है यह सफर,
हर कदम पर मिलता है नया इज़ज़ाफा, नया प्यार।
रंगीनीयों का मेला, है यह जीवन का सफर,
इसमें है खोज, मिलते हैं हम सब एक दूसरे से प्यार।