परिपक्वता की पहचान
पक्के हुए फल की पहचान है तीन,
नर्मी, मिठास, और रंग में नवीन।
रंग बदलता, मिठास घुलती,
नम्रता से उसकी चमक बढ़ती।
वैसे ही इंसान परिपक्व जब हो,
नम्रता उसकी पहचान हो।
वाणी में हो मीठी बातें,
चेहरे पर हो आत्मविश्वास के रंगों की छापें।
जीवन में जो अनुभव पाए,
हर मोड़ पर सिखावट लाए।
नर्मी, मिठास, और विश्वास से,
हर दिल में जगह बना जाए।
यही है परिपक्वता की कहानी,
नम्रता, मिठास, और चेहरे पर मुस्कानी।