समोसा समोसा दूरी यूँ पिघलता है
जाने किस आग में ये मसाला जलता है
खाने की शाम ढलती है
जाने किस आग में ये मसाला जलता है
ला ला ला …
तेरी खुशबू दिखाती है
हमें सपने मिठाइयों के
हो हो हो …
तेरे तेल पे लिखा है
जो तुम बोले इशारों में
हो हो हो …
चटनीयों के कारवां में रात चलती है
जाने किस आग में ये मसाला जलता है
ला ला ला …
पकोड़ा शाम आई है
तुझे लेकर के रातों में
हो हो हो …
तुझे छू लूँ कि खा लूँ मैं
छुपाकर के दोस्तों में
हो हो हो …
मज़ा लाती इठलाती है मचलती है
जाने किस आग में ये मसाला जलता है
हो समोसा समोसा दूरी यूँ पिघलता है
जाने किस आग में ये मसाला जलता है
खाने की शाम ढलती है – 2
जाने किस आग में ये मसाला जलता है
ला ला ला …
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