गौचार

गौचार की धूप में, चारों ओर बसा है सुकून,
हिमालय की चादर में, लिपटा है यह क्षेत्र पवित्र।
वायुसेना का गर्व, यहाँ की है शान,
गौचार, वीरता का प्रतीक, भारत का अभिमान।
यात्रा का द्वार, पवित्र गंगाधार,
चमोली की शान, रहे यहाँ सदा अमर।
पर्वतीय सौंदर्य, इस भूमि का गौरव,
गौचार, रहे नित सुरम्य, इसकी कहानी सुनाएं।