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दिल्ली की बारिश

बारिश का उपहार

 

दिल्ली की गलियों में भी अब,

बरस रहा है पानी अपार।

जैसे मुंबई की सड़कों पर,

होती बारिश बारंबार।

 

सुबह, दोपहर, शाम और रात,

बादल बरस रहे दिन-रात।

लगता है जैसे ऊपरवाले ने,

खोल दी अपनी रहमत की बात।

 

धूल में लिपटी सड़कों ने,

पाया है अब नया संसार।

पेड़-पौधों ने मुस्काया है,

मिली है जीवन की रफ्तार।

 

कहते हैं ऊपरवाला जब चाहे,

बदल दे मौसम की चाल।

दिल्ली की भीगी हवाओं में,

आज वही है बारिश का हाल।

 

 

– रचनाकार: सौरभ कुमार