श्रेष्ठता का मूल्य सोच में छुपा,
ऊँचा आसन, बस एक हिस्सा है वह।
दूरदर्शिता की राह पर बढ़ता,
व्यक्ति बनता, उज्ज्वल दर्पण में।
सपनों की ऊँचाई, मानवता की सेवा,
सोच से भरा, हर कदम महका।
आसमान की बुलंदी पे नहीं, मन में है उम्मीद,
श्रेष्ठता का सच, सोच का है इसमें सीधा।