हमारी टीम की कहानी”

हमारी टीम की बात निराली,

हर रोज़ होती नई ख़्याली।

कोई फ़ाइलें गुम कर जाए,

तो कोई चाय गिरा कर आए।

 

मीटिंग में सब खूब हंसते,

काम के नाम पर फंसते-फंसते।

बॉस समझाए लक्ष्य की बात,

पर हम में छुपा मज़ाकी स्वभाव।

 

रामू को तारीख़ याद नहीं,

शीला की पेन साथ नहीं।

फिर भी जब काम की हो शाम,

सुपरहीरो बनें हम तमाम!

 

हंसी-ठिठोली में गुज़र जाए दिन,

पर काम में भी रखें हम जिन।

क्योंकि जो टीम साथ हंसती है,

वो हर मुश्किल को फंसात